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कभी राम बनके, कभी श्याम बनके..

कभी राम बनके, कभी श्याम बनके, चले आना, प्रभुजी चले आना कभी राम बनके, कभी श्याम बनके चले आना, प्रभुजी चले आना तुम राम रूप में आना, तुम राम रूप में आना सीता साथ लेके, धनुष हाथ लेके, चले आना, प्रभुजी चले आना कभी राम बनके, कभी श्याम बनके चले आना, प्रभुजी चले आना तुम राम रूप में आना, सीता साथ लेके, प्रभुजी चले आना तुम श्याम रूप में आना, तुम श्याम रूप में आना राधा साथ लेके, मुरली हाथ लेके, चले आना, प्रभुजी चले आना कभी राम बनके, कभी श्याम बनके, चले आना, प्रभुजी चले आना श्याम रूप में आना, राधा साथ लेके, प्रभुजी चले आना तुम शिव के रूप में आना, तुम शिव के रूप में आना गौरा साथ लेके , डमरू हाथ लेके, चले आना, प्रभुजी चले आना कभी राम बनके, कभी श्याम बनके, चले आना, प्रभुजी चले आना शिव के रूप में आना, गौरा साथ लेके, प्रभुजी चले आना तुम विष्णु रूप में आना, तुम विष्णु रूप में आना लक्ष्मी साथ लेके, चक्र हाथ लेके, चले आना, प्रभुजी चले आना कभी राम बनके, कभी श्याम बनके, चले आना, प्रभुजी चले आना तुम गणपति रूप में आना, तुम गणपति रूप में आना रिद्धि साथ लेके, सिद्धि साथ लेके, चले आना, प्रभुजी चले आना कभी राम बन...

हनुमान चालीसा

दोहा श्री गुरु चरण सरोज रज, निज मन मुकुरु सुधारि | बरनऊँ रघुवर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि ||  “श्री गुरु महाराज के चरण कमलों की धूलि से अपने मन रूपी दर्पण को पवित्र करके श्री रघुवीर के निर्मल यश का वर्णन करता हूँ, जो चारों फल धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष को देने वाला हे।” बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरो पवन-कुमार | बल बुद्धि विद्या देहु मोहिं, हरहु कलेश विकार ||  “हे पवन कुमार! मैं आपको सुमिरन करता हूँ। आप तो जानते ही हैं, कि मेरा शरीर और बुद्धि निर्बल है। मुझे शारीरिक बल, सद्बुद्धि एवं ज्ञान दीजिए और मेरे दुःखों व दोषों का नाश कर दीजिए।” चौपाई जय हनुमान ज्ञान गुण सागर, जय कपीस तिहुँ लोक उजागर॥1॥  “श्री हनुमान जी!आपकी जय हो। आपका ज्ञान और गुण अथाह है। हे कपीश्वर! आपकी जय हो! तीनों लोकों, स्वर्ग लोक, भूलोक और पाताल लोक में आपकी कीर्ति है।” राम दूत अतुलित बलधामा, अंजनी पुत्र पवन सुत नामा॥2॥  “हे पवनसुत अंजनी नंदन! आपके समान दूसरा बलवान नहीं है।” महावीर विक्रम बजरंगी, कुमति निवार सुमति के संगी॥3॥  “हे महावीर बजरंग बली!आप विशेष पराक्रम वाले है। आप खराब बुद्धि को दूर करते ह...

Feel the music of nature with your soul

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I CAN!

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Reality of Life

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ऐ वतन, ऐ वतन, हमको तेरी क़सम,तेरी राहों में जाँ तक लुटा जायेंगे,

मूवी: शहीद गायक: मुहम्मद रफ़ी संगीतकार: प्रेम धवन गीतकार: प्रेम धवन जलते भी गए, कहते भी गए, आज़ादी के परवाने जीना तो उसी का जीना है, जो मरना वतन पे जाने ऐ वतन, ऐ वतन, हमको तेरी क़सम, तेरी राहों में जाँ तक लुटा जायेंगे, फूल क्या चीज़ है तेरे क़दमों पे हम, भेंट अपने सरों की चढ़ा जायेंगे. ऐ वतन, ऐ वतन, हमको तेरी क़सम, तेरी राहों में जाँ तक लुटा जायेंगे, ऐ वतन, ऐ वतन...... कोई पंजाब से, कोई महाराष्ट्र से, कोई यूपी से है, कोई बंगाल से, कोई पंजाब से, कोई महाराष्ट्र से, कोई यूपी से है, कोई बंगाल से, तेरी पूजा की थाली में लायें हैं हम, फूल हर रंग के, आज हर डाल से, नाम कुछ भी सही, पर लगन एक है, जोत से जोत दिल की जगा जायेंगे, ऐ वतन, ऐ वतन, हमको तेरी क़सम, तेरी राहों में जाँ तक लुटा जायेंगे, ऐ वतन, ऐ वतन...... तेरी जानिब उठी जो कहर की नज़र, उस नज़र को झुका के ही दम लेंगे हम, तेरी जानिब उठी जो कहर की नज़र, उस नज़र को झुका के ही दम लेंगे हम, तेरी धरती पे है जो, क़दम गैर का, उस क़दम का निशां तक मिटा देंगे हम, उस क़दम का निशां तक मिटा देंगे हम, जो भी दीवार आएगी अब सामने, ठोकरों से उसे हम गिरा जायेंगे, ऐ वतन, ऐ वतन,...

दूध में दरार पड़ गई - अटल बिहारी वाजपेयी

दूध में दरार पड़ गई खून क्यों सफेद हो गया भेद में अभेद खो गया बँट गये शहीद, गीत कट गए कलेजे में कटार गड़ गई दूध में दरार पड़ गई खेतों में बारूदी गंध, टूट गये नानक के छंद सतलुज सहम उठी, व्यथित सी वितस्ता है। वसंत से बहार झड़ गई दूध में दरार पड़ गई। अपनी ही छाया से बैर, गले लगने लगे हैं गैर, ख़ुदकुशी का रास्ता, तुम्हें वतन का वास्ता। बात बनाएँ, बिगड़ गई। दूध में दरार पड़ गई। ८ दिसंबर २००१